9000 करोड़ की 362 किमी लंबी इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए मात्र 1000 रुपए का बजट

इंदौर. जिस इंदाैर-मनमाड़ रेलवे लाइन के कारण मुंबई से इंदौर की दूरी 170 किमी घट जाएगी और रुपए-समय बचेगा, उसके लिए रेलवे कितना ‘गंंभीर’ है, इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि इस बजट में इस प्रोजेक्ट के सिर्फ एक हजार रुपए ही रखे गए। जबकि 362 किमी की इस लाइन पर करीब नौ हजार करोड़ रुपए खर्च होना है।


इस रूट पर बस का किराया ही 450 से करीब 1200 रुपए तक है। इंदौर-बुधनी-जबलपुर रेल लाइन के लिए भी इतने ही रुपए दिए हैं। 21 साल के संघर्ष के बाद रेलवे ने इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन मंजूर की थी। 2018 में एमओयू हुआ था। उसी साल नवंबर-दिसंबर से काम शुरू होना था, जाे हुआ नहीं। अभी अलाइनमेंट का काम चल रहा है। कुल लागत में से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट को 55%, मप्र व महाराष्ट्र को 15-15% राशि देना होगी। 15% हिस्सेदारी समुद्र डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड वहन करेगा।



रेलवे पैसेंजर एमिनिटीज कमेटी के पूर्व सदस्य नागेश नामजोशी के अनुसार, नई रेल लाइन से इंदौर से जेएनपीटी मुंबई की दूरी करीब 170 किमी कम हो जाएगी। इंदौर से मुंबई की दूरी अभी रतलाम होते हुए करीब 829 किमी है। ट्रेन करीब 13 घंटे में इंदौर से मुंबई पहुंचती है। नई लाइन से दूरी 659 किमी रह जाएगी अाैैर सफर नाै घंटे का हो जाएगा। मनमाड़ से नासिक होते हुए मुंबई पहुंचेगी। बस से करीब 11 घंटे में मुंबई पहुंच सकते हैं। फ्लाइट से यह समय सवा घंटे है। इससे दिल्ली से चेन्नई, बेंगलुरू की दूरी भी कम होगी।